वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Friday, August 26, 2005

अर्थ

वे बोल कर सुनते हैँ अपना ही कहा अर्थ,
खुली हुई आँखें फिर भी देखते सपना




26.8.05 ©

No comments: