वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Thursday, October 06, 2005

कुछ मौसम ऐसा

कुछ मौसम ऐसा कि बातें अपने आप वैसी ही हो जाती हैं,
तो बीतते हुए इस समय के लिए एक छोटी सी...कविता

बारिश हो रही है, पानी की बूँदों में गिरता पतझर
अचल खड़ा- भीगता
बस सुनता अपने दिल की धड़कन


©
6.10.05