वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Wednesday, February 15, 2006

ढलान पर


कुछ दिनों के पाले के बाद मौसम कुछ सुधरा कि बारिश आ गई, धूप कभी कभी निकल ही आती है
बगीचे की ढलान पर कुछ फूल खिलते हुए दिखे .. वसंत पास ही है