वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Monday, April 09, 2007

पुरानी तस्वीर


दिल्ली में मुझे अपने "पुरा कोष" डिब्बे में कैप्टन प्रभात अग्रवाल की तस्वीर मिली , फरवरी 1986 - देहरादून , भारतीय सैन्य अकादमी.. मैं प्रभात से मिलने के लिए मसूरी जाते हुए एक दिन के लिए देहरादून रूक गया.
मसूरी में बर्फ गिरी हुई थी , दून घाटी से मसूरी की बर्फ से ढँकी ऊँचाईयाँ दिखाई दे रही थी.
और एक बार फिर कई बरस बाद कैप्टन प्रभात की चिठ्ठी पढ़ी , ....अभी उस चिठ्ठी का जवाब देना है - पर वह कहाँ है अब ...

Capt Prabhat Agarwal >>Feb 1986 >> Indian Military Academy


2 comments:

अतुल शर्मा said...

चिड़ियों की तस्वीर अच्छी है पर वहाँ टिप्पणी नहीं की जा सकती। बहुत ही खूबसूरत तस्वीर ली है आपने, साथ ही चिड़ियों का नाम भी बताया यह तो बहुत ही अच्छा है।

जयप्रकाश मानस said...

मित्रवर । किताब पर समीक्षा हमें भी भिजवाने की बात हुई थी । क्या हुआ ? हाँ, एक आलेख भी चाहिए । ब्रिटेन में हिदी की समृद्दि पर । कृपया जल्दी भेज दें । कैसे हैं । www.srijangatha.com