वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Sunday, May 27, 2007

इस दोपहर

धूप!

खिड़की की ओर देखते मैंने सोचा, कल शाम से बारिश चल रही है.


और सूरज



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