वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Wednesday, November 07, 2007

पतझर के साथ




बढ़ती हुई ठंड और पेड़ों के रंग सुर्ख, पतझर धीरे धीरे अपने किनारे की ओर बढ़ रहा है.

1 comment:

anil pandey said...

पर पता नहीं क्यों
ऐसा लगता है जैसे ,
पतझर अपनें किनारे की ओर नहीं
हम सबके बीच चला आ रहा है।