वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Thursday, January 31, 2008

पुस्तक मेले में


दो फरवरी से प्रगति मैदान में होने वाले 18वें विश्व पुस्तक मेले में "पत्थर हो जाएगी नदी" कविता संग्रह का द्विभाषी संस्करण बिक्री के लिए उपलब्ध होगा, कविताओं के हिन्दी से अंग्रेजी में अनुवाद लूसी रोज़नश्टाइन ने किए हैं..

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