वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Tuesday, June 07, 2011

नई किताब

तेरह कविताओं के अंग्रेजी अनुवाद की द्विभाषी कविता पुस्तिका. कविताओं के हिन्दी से अंग्रेजी में अनुवाद लूसी रोज़नश्टाइन और आयरिश मूल के कवि बनार्ड ओ डैनह्यू ने किये हैं. इसे Poetry Translation Centre London ने ८ जून २०११ को प्रकाशित किया है . संग्रह में शामिल कविताओं का पहली बार सार्वजनिक द्विभाषी पाठ लंदन की The Whitechapel Gallery में आयोजित 'Where Three Dreams Cross: 150 Years of Photography from India, Pakistan and Bangladesh' प्रदर्शनी में ४ फरवरी २०१० को किया गया था. ये कविताएँ ब्रिटिश लाइब्रेरी के श्रव्य संग्रह में भी संग्रहित हैं.




2 comments:

निशांत मिश्र - Nishant Mishra said...

बहुत बढ़िया. बधाई.
किताब के बारे में कुछ और भी तो बताइये!

Andressa said...

good!