वह रुका पल कोई घर है कहीं

वह रुका पल कोई घर है कहीं

Wednesday, August 09, 2017

कविता का पाठ । Poetry reading


पिछले महीने इयान वुलफर्ड बाथ एक दोपहर पहुँचे। उस मुलाकात के दौरान उन्होंने
मेरी एक कविता पढ़ी।

During a visit to Bath Ian Woolford reads a poem by Mohan Rana in Hindi.