Wednesday, 30 January 2019

मोहन राणा की तीन कवितायें



मोहन राणा की तीन कवितायें


Mohan Rana
मोहन राणा


























मोहन राणा ने उपरोक्त तीन कवितायें विशेष तौर पर raagdelhi.com के लिए भेजी हैं।  
 

Wednesday, 16 January 2019

साहित्य विशेषांक



 नाम नहीं मिल रहे थे कुछ दिन बीते, किसी ने बताया यहाँ देखो.
तो आप भी देखें यह त्योहारी समकाल पद्य अंक.
(ना) पसंद आए तो भी आप भी जरूर लिखें
"अच्छी कविताएँ हैं"

अपने एकांत में बेचारा छायावादी किंकर्तव्य-विमूढ़ हो गया
गड्डी की हैडलाइट के सामने खरगोश की तरह,

खिताबी कवि ब्रेक नहीं दबाते


2019 © मोहन राणा

Thursday, 29 November 2018

Afternoon


I like your question ' you' 
I look around ' I'
Setting another hand turning round the clock to my own shadow
Falling as I stand still.


29.11.2018
©

Wednesday, 28 November 2018

A poetry reading in Zaragoza, Spain






The indian poet Mohan Rana (Delhi, 1964) reads some poems and talks about his poetry in this video, recorded in Zaragoza (Spain). Rana visited Spain in March 2016 for a poetry reading in Antígona bookshop (Zaragoza) and in Voces del Extremo poetry festival (Logroño). Poems translated from Hindi by Lucy Rosenstein and Bernard O'Donoghue.
 Video by David Francisco.
 More info about Mohan Rana in https://en.wikipedia.org/wiki/Mohan_Rana


Mohan Rana · Poems (English subtitles)

मोहन राणा की तीन कवितायें

मोहन राणा की तीन कवितायें मोहन राणा मोहन राणा ने उपरोक्त तीन कवितायें विशेष तौर पर raagdelhi.com के लिए भ...