मोहन राणा की तीन कवितायें
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| मोहन राणा |
मोहन राणा ने उपरोक्त तीन कवितायें विशेष तौर पर raagdelhi.com के लिए भेजी हैं।
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| मोहन राणा |
कविता अनुवाद और विचार यूँ तो शब्दकोश निरंतर नये शब्दों अर्थों से भरता जाता है पर ख़ाली भी धीरे-धीरे होता जाता है। दैनंदिन में समय का अकेलापन...